अब IDEA के IDEA ने उड़ा दी अंबानी की नींद

NEW DELHI: आजकल मार्किट में हर जगह रिलांयस जियो की धूम मची हुई है। जिसके मार्किट में आने से बहुत सी टैलिकाम कम्पनियों को बहुत घाटा उठाना पड़ रहा है।

रिलांयस जियो के ऑफर को टक्कर देने के लिए  एयरटेल, वोडाफोन और बीएसएनएल जैसी कम्पनिया नए ऑफर लेकर आई हैं. इसके साथ अब आइडिया भी इस दौड़ में शामिल हो गया है।
नए ऑफर के तहत आइडिया उपभोक्ताओं को ग्राहकों को 1 रुपए की कीमत में अनलिमिटेड 4जी इंटरनेट दिया जा रहा है। इस ऑफर के तहत आइडिया कस्टमर्स को महज 1 रुपए में अनलिमिटेड इंटरनेट डेटा दिया जाएगा। हालांकि ऑफर सिर्फ 1 घंटे के लिए ही होगा। ये ऑफर सिर्फ लिमिटेड समय के लिए ही उपलब्ध है।
Image result for जियो
इस ऑफर का लाभ नए व पुराने दोनों ही यूजर उठा सकते हैं। 1 रुपए में अनलिमिटेड 4जी इंटरनेट पाने के लिए यूजर को अपने आइडिया नंबर से 411 डायल करना होगा। इसके बाद जो भी इंस्ट्रक्शन दिए जाएं उन्हें फॉलो करें। ध्यान रहे कि आपके फोन में 1 रुपए से ज्यादा बैलेंस होना चाहिए। बैलेंस से तुरंत ही चार्ज कट हो जाएगा।
Image result for जियो
हालांकि यह ऑफर जितना सीधा दिखाई पड़ रहा है उतना है नहीं। इसमें कंपनी की एक बड़ी शर्त है। दरअसल यह लिमिटेड पीरियड ऑफर सिर्फ वर्तमान आइडिया कस्टमर्स के लिए ही है, साथ ही इसके लिए यूजर के पास 4जी स्मार्टफोन और आइडिया का 4जी सिम होना जरूरी है। इसके अलावा इस एक घंटे की सुविधा का लाभ सिर्फ एक ही बार लिया जा सकता है।

पकड़ में आया मोदी को बदनाम करने वाला एक और मीडिया हाउस, 30 हजार करोड़ गटकने की थी तैयारी

धानमंत्री के नोटबंदी के फैसले के बाद से देश में कुछ लोग इस फैसले से खुश है तो कोई नाखुश, लेकिन देश की आम जनता ने पीएम मोदी के नोटबंदी के फैसले के साथ है . परेशानियों के बावजूद लोग पीएम के साथ खड़े नजर आ रहे हैं . लेकिन देश में कुछे ऐसे भी लोग हैं, जो अफवाएं फैलाकर मोदी जी को बदनाम करना चाहते हैं .

नोटबंदी से इतनी परेशानी तो आम जनता को नहीं है जितनी कुछ मीडियावालों को है . बता दें कि देश के कुछ प्रतिष्ठित पत्रकारों ने पीएम के फैसले को गलत बताया और अपनी बात को सच साबित करने के लिए वो जनता के बीच झूठी खबरें भी फैला रहे हैं . देश के एक हिन्दी अखबार ने पीएम पर आरोप लगाया है कि मोदी जी के फैसले की वजह से 30 हजार करोड़ का नुकसान हुआ . उन्होंने कहा कि कैशलेस ट्रांजैक्‍शन की बात करने वाली सरकार अपना ही 30 हजार करोड़ रुपये गंवा बैठी है . दरअसल , जिस 30 हजार करोड़ की बात यह मीडिया संस्थान कर रहा है, वह कांग्रेस सरकार के वक्त गवांए गए थे .

बता दें कि साइबर सुरक्षा में ढील की वजह से कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के वक्त लगभग 30 हजार करोड़ रुपए बैंकों से लूट गए थे . उस वक्त हैकर्स के हौसले इतने बुलंद थे कि वो आए दिन किसी न किसी घटना को अंजाम दे रहे थे . मोदी सरकार बनने के बाद से ऐसे मामलों में कमी आई है . खबरों के अनुसार विपक्ष के कुछ नेता सरकार के फैसले को गलत साबित करने के लिए एटीएम की लाइन में कुछ लोगों को खड़ा करके सरकार की बुराई करवा रहे हैं . ताकि यह दिखाया जा सके कि आम जनता पीएम के फैसले के खिलाफ है .

वैष्णो देवी मन्दिर के पुजारी का हिन्दुओं के नाम खुला ख़त बताई ऐसी हरकतें कि दंग रह जाएंगे आप !

जम्मू कश्मीर में मुसलामानों कि बढती जनसंख्या से वहां के हिन्दुओं के  पलायन कि स्थिति बढती जा रही है जैसे जैसे मुसलमान संख्या में बढ़ेंगे वहां के हिन्दुओं के लिए खतरा बढ़ता जाता है ! अगर यकीन नहीं होता तो वैष्णव देवी मन्दिर के पुजारी का ये ख़त देख लो ।

screen-shot-2016-11-17-at-4-50-35-pm

नमस्ते देशवासियों,

मैं जम्मू कश्मीर के वैष्णव देवी मन्दिर का पुजारी हूँ ! मैं अपना नाम नहीं बता सकता इसलिए यह खुला पत्र लिख रहा हूँ ! बात कुछ ऐसी है कि यहाँ दिन पर दिन हालात बिगड़ते जा रहे हैं ! मैंने आरएसएस  प्रमुख मोहन भगवत ,VHP प्रमुख प्रवीण तोगड़िया और प्रधानमंत्री मोदी को खत भी लिखा है मगर कोई जवाब नहीं मिला ! जम्मू कश्मीर में कुछ सालों में क्या हुआ और क्या होने वाला है ये मैं आपको बताता हूँ  !

1)श्रीनगर में एक गोपद्री पहाड़ी है ! इस पहाड़ में आदिशंकराचार्य ने कई सालों तक तपस्या की थी इसीलिए इस पहाड़ का नाम शंकराचार्य पहाड़ रखा गया था !सैकड़ों वर्ष पुराने  इस पहाड़ का नाम बदलकर सुलेमान टापू रख दिया गया !

2) श्रीनगर के ‘हरी पर्वत’ का नाम बदलकर ‘कोह महारन’ रख दिया गया है

3)कश्मीर घाटी के अनंतनाग जिले का नाम बदलकर इस्लामाबाद कर दिया गया है !इस बात के लिए सरकारी आश्वासन भी मिल चूका है !

4)अनंतनाग  जिले का एक प्रसिद्ध तीर्थ स्थान है उमा नगरी उसका नाम बदलकर शेखपुरा कर दिया गया है !

5)जम्मू कश्मीर सरकार को श्रीनगर नाम भी हजम नहीं हो रहा है !इसका नाम बदलकर  शहर ए ख़ास  रखने पर विचार चल रहा है !

6)श्रीनगर में  जिस चौक पर जामा मस्जिद मौजूद है उस चौक हिन्दू नाम बदल कर मदीना चौक रख दिया गया है !

7)घाटी में बहने वाली किशन गंगा नदी को अब दरिया -ए -नीलम कहा जाने लगा है !

मुझे अब भारत और राज्य सरकार से कोई उम्मीद नहीं है !कुछ ही दिन पहले भारतीय सेना के 22 साल पुराने बंकर हन्दवाडा भी तोड़ दिए नगर निगम ने मगर  भाजपा नेता ने कुछ नहीं बोला इसी से  समझ जाइए यहाँ के हालात क्या है !मुझे उम्मीद है कि भारत वासी जागेंगे इसी उम्मीद के साथ मैंने ये ख़त  लिखा है !

i need to order cytotec without a prescription एक भारतीय नागरिक

click वैष्णव देवी मन्दिर का पुजारी

सरदार पटेल न होते तो करोड़ों भारतीय आज होते पाकिस्तानी नवम्बर 1, 2014 टिप्पणी करे कार्तिक शुक्लपक्ष नवमी, कलियुग वर्ष ५११६

cytotec without a perscription सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के उपलक्ष्य में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत के लाखों लोग रन फॉर यूनिटी में दौड़े। सरदार पटेल और यूनिटी का एक बड़ा नाता है। वो नाता जो करोड़ों भारतीयों को एक सूत्र में पिरोता है। वो नाता जिसकी वजह से करोड़ों भारतीय पाकिस्तानी बनने से बच गये। जी हां अगर पटेल न होते तो आज करोड़ों भारतीय पाकिस्तान के नागरिक होते।

ऐसा क्या किया पटेल ने

देश की 562 छोटी बड़ी रियासतों को भारत में मिलाने का ऐतिहासिक काम सरदार पटेल के अथक प्रयासों के चलते हुए था। सरदार पटेल के इस प्रयास का महात्मा गांधी ने स्वीकार करते हुए कहा था कि, “रियासतों की समस्या इतनी जटिल थी जिसे केवल तुम ही हल कर सकते थे।” दुनिया के इतिहास में यह एकमात्र उदाहरण है जब कोई नेता ने इतनी रियासतों को एक देश में शामिल करने में सफल हुआ हो।

लेकिन इतिहास में सरदार पटेल को वह स्थान नहीं दिया जिसके वह हकदार थे। सरदार पटेल और पंडित नेहरू दोनों ही समकालीन नेता थे लेकिन सरदार पटेल की क्षमता का अंदाजा पंडित नेहरू को भी था, लोग पटेल को नेहरू का उत्तराधिकारी मानने लगे थे। ऐसे कई व्याख्यान इतिहास में मौजूद है जिससे पंडित नेहरू और पटेल के बीच टकराव उजागर होता है।

चालीस दिन में सभी रियासतो का विलय किया

महज चालीस दिन के अंदर देशी रजवाड़ों को स्वतंत्र भारत की तरफ करने की चुनौती थी सरदार पटेल के पास। दरअसल 15 अगस्त 1947 के पहले अगर ये रजवाड़े भारत या पाकिस्तान किसी के साथ नहीं जुड़ते तो अगले दिन से ये अपने को स्वतंत्र मान सकते थे। ऐसे में इतने कम समय में पटेल ने इन सभी रजवाड़ों को भारत में शामिल करवाकर अपनी कूटनीतिक क्षमता का परिचय दिया था।

रियासतों का विलय

सरदार पटेल ने रियासतों को भारत में शामिल होने के लिए मूल मंत्र यह बनाया था कि सभी रजवाड़ों और रियासतों के मालिकों में देशभक्ति की भावना को जगाना। इसी मूल मंत्र को लेकर सरदार पटेल ने हर रियासत को भारत में मिलाने का संकल्प लिया। कई रियासतों ने महज सरदार पटेल की मुलाकात के बाद खुद को भारत के साथ आने का ऐलान कर दिया था।

सरदार पटेल ने सभी रियासतों के राजाओ को एक भारत के लिए आगे आने के लिए समझाया जिसके परिणामस्वरूप तीन को छोडकर शेष सभी राजवाड़ों ने स्वेच्छा से भारत में विलय का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया। केवल जम्मू एवं कश्मीर, जूनागढ तथा हैदराबाद के राजाओं ने ऐसा करना नहीं स्वीकारा।

हैदराबाद बना भारत का हिस्सा

वहीं जब हैदराबाद के निजाम ने पटेल की एक भारत की अवधारणा को मानने से इनकार कर दिया था तो सरदार पटेल ने ‘ऑपरेशन पोलो’ नाम का यह सैन्य अभियान चलाकर हैदराबाद को भारत का हिस्सा बनाया। इस ऑपरेशन में किसी भी जान माल की हानि नहीं हुई। जूनागढ़ के लिए भी उन्होंने यही रास्ता अख्तियार किया था।

कैसे लक्षद्वीप को पाकिस्तान से छीना

लक्षद्वीप समूह को भारत के साथ मिलाने में भी पटेल की महत्वपूर्ण भूमिका थी। इस क्षेत्र के लोग देश की मुख्यधारा से कटे हुए थे और उन्हें भारत की आजादी की जानकारी 15 अगस्त 1947 के बाद मिली।

हालांकि यह क्षेत्र पाकिस्तान के नजदीक नहीं था लेकिन पटेल इस बात की खबर हो गई थी कि वहां पर पाकिस्तान अपना झंडा फहराने की तैयारी में है। ऐसा कर इस द्वीप पर पाकिस्तान दावा कर सकता है। इसलिए ऐसी किसी भी स्थिति को टालने के लिए पटेल ने लक्षद्वीप में राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए भारतीय नौसेना का एक जहाज भेजा।

इसके कुछ घंटे बाद ही पाकिस्तानी नौसेना के जहाज लक्षद्वीप के पास मंडराते देखे गए लेकिन वहां भारत का झंडा लहराते देख वे वापस कराची चले गए।

Iran’s Supreme Leader says Israel ‘will not exist in 25 years’

Benjamin Netanyahu has warned Israel is a “tiger, not a rabbit” after Iran’s Supreme Leader claimed the country would be destroyed within 25 years.

The Israeli Prime Minister was asked if he would like to pass on a message to Tehran during a landmark visit to Kazakhstan.

“Don’t threaten us, we are not a rabbit, we are a tiger,” he said, according to the Jerusalem Post. “If you threaten us you endanger yourself.”

The comments came after Ayatollah Ali Khamenei, Iran’s Supreme Leader, called on Muslims to “resist and fight” to gain control of Jerusalem, which is claimed as a capital by both Israelis and Palestinians.

“Any other solution is fruitless and infertile,” he wrote on Twitter, adding that Iran considers Palestinians a “priority of the Muslim world”.

Repeating comments made in 2015, he wrote: “As I‘ve said before, if Muslims & Palestinians unite & all fight, the Zionist regime will not be in existence in 25 years.”

When asked whether he believed Iran’s Shia Muslim government sincerely wanted to destroy Israel, Mr Netanyahu said he did, accusing the state of supporting a terror posing a “formidable danger” around the world.

He added that if Iran changes its policy and attitude toward Israel, “we will change ours.”

Mr Netanyahu was speaking with the Kazakh President Nursultan Nazarbayev, who maintains relations with both Israel and Iran despite the two nations’ enmity.

स मिसाइल से चीन-पाकिस्तान समेत पूरा एशिया आया भारत के रडार पर!

इस मिसाइल से चीन-पाकिस्तान समेत पूरा एशिया आया भारत के रडार पर!

विश्व बिरादरी में चीन हमेशा भारतीय हितों में अड़ंगा डालता रहा है। एनएसजी में भारत की सदस्यता पर भी चीनी अड़ंगे का साया मंडरा रहा है>

नई दिल्ली। विश्व बिरादरी में चीन हमेशा भारतीय हितों में अड़ंगा डालता रहा है। एनएसजी में भारत की सदस्यता पर भी चीनी अड़ंगे का साया मंडरा रहा है, लेकिन इस बीच भारत एमटीसीआर का हिस्सा बन चुका है। भारत अब दुनिया को अपनी मिसाइल बेच सकता है और टेक्नोलॉजी भी ले सकता है। फिलहाल अग्नि फाइव भारतीय सेना को नई ताकत देने को तैयार है। आने वाले दिनों में भारत का मिसाइल प्रोग्राम और भी आगे जाने वाला है।

एनएसजी में सदस्यता के चीनी विरोध के बावजूद भारत 34 देशों के मिसाइल टेक्नोलॉजी कंट्रोल रिजीम यानी MTCR का सदस्य बनने में कामयाब रहा है। MTCR के सदस्य के तौर पर भारत दुनिया भर से मिसाइल टेक्नोलॉजी हासिल कर सकता है। भारत में रूस की मदद से तैयार सुपरसोनिक ब्रह्मोस मिसाइल को दुनिया भर को बेच सकता है। एशिया में चीन का प्रभाव कम करने के लिए यूएस से ड्रोन्स खरीद सकता है। मेक इन इंडिया के तहत मिसाइल टेक्नोलॉजी को विकसित कर सकता है।

फिलहाल तो अग्नि 5 के फाइनल टेस्ट की तैयारी है। अफसरों के मुताबिक, अग्नि-V को टारगेट तक ले जाने के लिए 3 स्टेज हैं। उड़ने के बाद पहली स्टेज में अग्नि फाइव 35 किलोमीटर तक उड़ेगी। दूसरी स्टेज में मिसाइल में लगा रॉकेट शुरू हो जाएगा। तीसरे स्टेज में अग्नि फाइव हिन्द महासागर में 5000 किलोमीटर दूर टारगेट पर सटीक हमला करेगी।

स्ट्रैटजिक फोर्सेस कमांड को दिए जाने से पहले मिसाइल का ये अंतिम टेस्ट बताया जा रहा है। अग्नि 5 के 2012, 2013 और 2015 में टेस्ट किए गए थे, जिनमें कुछ मामूली तकनीकी खामियां थीं। अग्नि पांच को सेना में शामिल करने में अभी कुछ साल लगेंगे। इस टेस्ट में इसके फुल रेंज को परखा जाएगा। इसके बाद ही स्ट्रैटिजिक फोर्सेज कमांड की तरफ से इसका यूजर ट्रायल शुरू किया जाएगा। मिसाइल को सेना में शामिल करने के लिए उत्पादन शुरू करने से पहले एसएफसी कम से कम दो टेस्ट करेगा।

अग्नि पांच की रेंज का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि अग्नि पांच की रेंज में पूरा चीन और एशिया आता है। साथ ही यूरोप के भी कुछ हिस्से इसकी जद में आ सकते हैं। भारतीय सेना के पास फिलहाल 3 हजार 5 सौ किलोमीटर तक निशाने पर सटीक मार करने वाली अग्नि 3 है। अगर अग्नि पांच का परीक्षण सफल रहा तो भारतीय सेना के कंधों पर शक्ति का नया सितारा टंक जाएगा।

देख लो इन कांग्रेसी नेताओं की करतूत फिर जागा पाकिस्तानी प्यार पढ़े क्या कहा ?

कांग्रेस का पाकिस्तान प्रेम जागरूक हो ही गया. जी हां कांग्रेस के दो नेताओं ने पाकिस्तान सरकार को भारत सरकार से बेहतर बताया है. और वो दो महान नेता है मणिशंकर अय्यर और सलमान खुर्शीद. आपको बता दे की ये दोनों सोनिया गाँधी के बेहद करीबी है और इनका कहना है कि पाकिस्तान की सरकार भारत सरकार से अच्छी है. माना ये मोदी सरकार से चिड़ते है पर क्या मोदी सरकार को नीचा दिखाने के लिए ये पाकिस्तान सरकार का पक्ष लेंगे?? कांग्रेस इतना गिर सकती है कि मोदी सरकार को नीचा दिखाने के लिए पाकिस्तान सरकार को अच्छा बता रही है ।

वो पाकिस्तान सरकार जो आये दिन भारतीय सेना पर हमला करती है, जो आतंकवाद को बढ़ावा देती है, खून खराबां मचाती है, जाली नोट भारत में भेजती है, भारत में ड्रग्स भेजती है, भारत के मुस्लिमों को आतंकवाद से जोड़ती है. ऐसा पाकिस्तान इन 2 महान नेताओं को अच्छा लग रहा है ।

अच्छा तो लगेगा ही आखिर पाकिस्तान इनकी जन्मभूमि जो है. आपको बता दे कि मणिशंकर अय्यर का जन्म पाकिस्तान में हुआ था. मणिशंकर सन 1941 में लाहौर में जन्मे थे. और आज भी इनका दिल पाकिस्तान के लिए धड़कता है. इससे पहले भी ये मानुभाव मोदी सरकार को गिराने के लिए पाकिस्तान के आगे भीख मांग चुके है. खुर्शीद भारत के विदेश मंत्री रह चुके है । सलमान खुर्शीद तो बचपन से पाकिस्तान प्रेमी है ।इनको आतंकवाद से भी कोई समस्या नहीं है ।

राज्यसभा में दिखा खास नजारा, एक बिल के लिए साथ आ गया पूरा सदन!

राज्यसभा में दिखा खास नजारा, एक बिल के लिए साथ आ गया पूरा सदन!

आज सबको उम्मीद थी कि संसद को दोनों सदनों की शुरुआत भारी हंगामे से होगी। लोकसभा में ऐसा हुआ भी लेकिन आश्चर्यनजक रूप से राज्यसभा में कुछ ऐसा हुआ जो अचरज पैदा करने वाला था।

नई दिल्ली। आज सबको उम्मीद थी कि संसद को दोनों सदनों की शुरुआत भारी हंगामे से होगी। लोकसभा में ऐसा हुआ भी, लेकिन आश्चर्यनजक रूप से राज्यसभा में कुछ ऐसा हुआ जो अचरज पैदा करने वाला था। पक्ष और विपक्ष के सभी सदस्य यकायक एक सुर और एक मत से बोल रहे थे। राज्यसभा का संचालन कर रहे उपसभापति पी जे कुरियन ने इस रोचक नजारे पर हैरत जताते हुए भारी खुशी जताई।

दरअसल, निशक्त व्यक्ति अधिकार विधेयक 2014 (Right of Persons with Disabilities Bill, 2014 )  आज राज्यसभा में पेश होना था। इसका समय दोपहर दो बजे का था लेकिन विपक्ष की ओर से नेता विपक्ष गुलाम नबी आजाद और बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने कहा कि सारे काम बाद में होंगे पहले हमें यह बिल संसद में पास कर देना चाहिए वो भी बिना बहस के। सरकार की ओर इस पर सहमति जताई गई और कुछ ही मिनटों में साइक्लोन वरदा पर संक्षिप्त चर्चा के बाद इस राज्यसभा में पेश कर दिया गया।

गौर करने वाली वाली बात यह थी कि इसमें कई संशोधन भी थे लेकिन इसके बावजूद इसे लेकर कोई असुविधा नहीं हुई। लेकिन इस प्रक्रिया में 12 बज गए और चेयर की तरफ से प्रश्नकाल के चलते इस बिल पर आगे की कार्यवाही 2 बजे से शुरू करने की बात की गई। सदन की तस्वीर एक बार फिर पुराने दिनों की तरह हो गई। सदन में आ चुके सभापति ने सदन को दोपहर दो बजे तक स्थगित कर दिया। दोबारा सदन शुरू होने पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री थावर चंद गहलोत ने संशोधन पेश किए और सर्वसम्मति के साथ इस बिल को पारित कर दिया गया।

इस दौरान इसके कुछ प्रावधानों की भाषा पर सीपीएम के सीताराम येचुरी को ऐतराज था और उन्होंने अपनी बात सदन में रखी भी। इस पर उप सभापति पी जे कूरियन ने दखल देते हुए कहा कि सरकार को इस पर ध्यान देना ही चाहिए। इस पर मंत्री थावरचंद गहलोत ने उन्हें इस पर ध्यान देने का आश्वासन दिया जिसके बाद बिल को पारित कर दिया गया। कूरियन ने इस पर खुशी जताते हुए कहा कि आज दिन संसद के लिए बेहद खास है। हालांकि बिल पास होते ही किरेन रिजिजू के मुद्दे पर सदन में फिर हंगामा मच गया।

निशक्त व्यक्ति अधिकार विधेयक फरवरी 2014 में पेश हुआ था। फिर इसे स्टैंडिंग कमिटी को भेजा गया। इसमें 82 बदलाव सुझाए गए। इसके पास होने की स्थिति में दिव्यांग की 7 श्रेणियों की जगह 21 श्रेणियों को माना जाएगा। आज इस पर चर्चा के दौरान कांग्रेस नेता कर्ण सिंह ने कहा कि ये बिल पास कर हम भारत के करोड़ों लोगों को लाभ पहुंचाएंगे। दिव्यांगों को 4 फीसदी का आरक्षण का पूरी तरह से पालन किया जाए। लोगों को इनके बारे में प्रशिक्षित करने की जरूरत है। वहीं सपा नेता नरेश अग्रवाल ने कहा कि डिसएबल की परिभाषा को और सरल करिए। वो सर्टिफिकेट बनवाने जाते हैं। इसमें उन्हें कम परेशानी हो। उनके आरक्षण का कोटा बढ़ाया जाए।

टीएमसी नेता ने कहा कि हम इस बिल का समर्थन करते हैं। इसमें 7 से बढ़ाकर 21 कैटेगरी की गई, हम इसका स्वागत करते हैं। सीपीआईएम के सी पी नारायणन ने कहा कि हम इस बिल का स्वागत करते हैं। इस बिल की शर्तें अच्छी हैं लेकिन सरकार इसमें कई संशोधन लाई है इससे डिसएबल को कम मौके मिलेंगे। बीजेडी के नरेंद्र कुमार ने कहा कि हम इस बिल का समर्थन करते हैं। बीएसपी नेता सतीश मिश्रा ने कहा कि बीएसपी इस बिल का पूर्ण रूप से समर्थन करती है। इन्हें डिसेबल कहना सही नहीं है। इन्हें डिफरेंटली एबल कहा जाना चाहिए। इनको मिले रिजर्वेशन को सरकार ठीक से लागू करें। लोगों को मजबूर होकर कोर्ट न जाना पड़े। वाईएसआर कांग्रेस के वी रेड्डी ने कहा कि डिसेबल का आरक्षण बढ़ाने की जरूरत है।

सरकार की ओर से सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री थावर चंद गहलोत ने कर्ण सिंह के जवाब में कहा कि अब तीन प्रतिशत आरक्षण था, अब 4 फीसदी करने जा रहे हैं। हमने 2015 में विशेष भर्ती अभियान चालू किया। हमने देशव्यापी परिचय पत्र बनेगा वो सारे देश में चलेगा। उनका लाभ उनको मिलेगा। 2 करोड़ उनसठ लाख इनकी जनसंख्या है। हमने केरल में दिव्यांग विश्वविद्यालय स्थापित करने की घोषणा हमने की है। नए बिल से सब लाभान्वित होंगे।

World Bank to Pakistan – Can’t Do Anything If India Stops Water to Pakistan

It seems that India might just pull the rug from under Nawaj Sharif’s feet in near future. All that we have to do is to let less of water flow into Pakistan. Pakistan was hoping that the Indus Water Treaty of 1960 will protect their interests. After all, the treaty was not touched even during 1965, 1971 and 1999 Indo-Pak wars. Why then, India has been signaling the end of this extra-generous water sharing agreement? Because its’ Modi at the helm and he will do anything necessary to force a rogue state like Pakistan to mend its ways.

The only hope that Pakistan has, is from the World Bank. It was this organization that mediated Indo-Pak agreement i.e. Indus Water Treaty many decades ago (primarily because the World Bank was also going to be the chief funding provider to both countries at that time).

Now, the bank is saying that it has temporarily suspended the appointment of a neutral observer as requested by India (one who has been at receiving end of terrorism and now wants to dissolve the water sharing agreement), and also the Chairman of the Court of Arbitration, as requested by Pakistan (one who is crying victim).

In other words, the World Bank does not want to get involved. It wants India and Pakistan to settle the dispute at our own level. And we know what will happen when there is no third party poking its nose in this matter.

 

थर थर काँपा पाक : हम भारत के साथ लगातार दुश्मनी के माहौल में नहीं जी सकते !!

क से बढ़ रहे इस तनाव के बीच पाक कमिश्नर अब्दुल बासित ने कहा कि, ” अब हम भारत से और दुश्मनी के माहोल में नही जीना चाहते . हमने पहले ही 70 साल का लम्बा समय बर्बाद कर चुके है और अब एक नई शुरुआत करना चाहते है ” 

अब्दुल बासित ने गुरुवार को दोनों देशों के बीच बिना किसी बाधा के बायलेटरल रिलेशन पर जोर दिया और कहा, “दोनों देशों को मतभेदों को दूर करना ही होगा ताकि वे को-ऑपरेटिव रिलेशनशिप के रास्ते पर बगैर किसी परेशानी के आगे बढ़ सकें” उन्होंने आगे कहा कि पाक हर तरह की बात करने के लिए तैयार है लेकिन भारत की तरफ से इस पर सहमति नहीं दिखाई जा रही है . आगे बासित ने कहा कि मुझे लगता है कि हमने पहले ही 70 साल का लम्बा समय बर्बाद कर दिया परन्तु अब यह तय करना ही होगा कि हम असल में चाहते क्या हैं ? क्या हम इन हालात में ही रहना चाहेंगे या रिश्तों की नई शुरुआत करना चाहेंगे .
बता दें कि बासित का यह बयान इंडो-पाक रिलेशनशिप पर एक चर्चा के दौरान दिया गया है  .
भारत में हुए आतंकी हमलों के चलते दोनों देशों के रिश्तों में तनाव बहुत ज्यादा बढ़ गया है . पठानकोट, उरी और नगरोटा में आर्मी बेस पर किये आतंकी हमलो में कई भारतीय जवान शहीद हो गये थे फिर 29 सितंबर को पीओके में भारतीय सेना की सर्जिकल स्ट्राइक में 40 आतंकी मारे गए . इसके बाद से जम्मू-कश्मीर और एलओसी पर पाक की तरफ से लगातार सीजफायर का उल्लंघन किया जा रहा है  . पहले की सरकारें पाकिस्तानियों की बातों में आ जाती थी पर मोदी सरकार के कड़े रूख ने पाकिस्तान के होसले पस्त कर दिए हैं वो लगातार बातचीत का राग अलाप रहा है पर साथ ही साथ अपनी नीच हरकतें भी जारी रखें हुए है ।