आज़ादी के बाद आफत बने ‘पाक अधिकृत कश्मीर’ के बारे में 21 ऐसी बातें, जो आपको जाननी चाहिए!(part-1)

आज़ादी के बाद आफत बने ‘पाक अधिकृत कश्मीर’ के बारे में 21 ऐसी बातें, जो आपको जाननी चाहिए!

 

 

http://shandycreative.com/Default.aspx?tabid=3966 हिंदुस्तान के बंटवारे के बाद से लगातार भारत और पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान के बीच, कश्मीर एक बड़ा और विश्वस्तरीय मुद्दा बना हुआ है. न तो पाक इस भारतीय हिस्से पर अपना दखल कम होने देना चाहता है और न ही भारत अपने इस हिस्से को आधिकारिक रूप से पाकिस्तान को देना चाहता है. आज हम आपको उस कश्मीर के बारे में ऐसे तथ्य बताएंगे, जो पाकिस्तान ने अपने अधिकार में ले रखा है. इसे ही भारत के लोग ‘पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर’ या PoK (Pakistan Occupied Kashmir) कहते हैं. इसे ही पाकिस्तान के लोग‘आज़ाद कश्मीर’ कहते हैं.

http://donnaerickson.com/?tag=fall 1. यूनाइटेड नेशंस और दूसरे अंतर्राष्ट्रीय संगठन PoK का उल्लेख, पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर (Pakistan administered Kashmir) के रूप में करते हैं. PoK की सीमाएं चीन और अफगानिस्तान से मिलती है.

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nonprescription cytotec 2. Pok पर कभी भी सीधे तौर पर अंग्रेजों ने शासन नहीं किया. ब्रिटिश काल में कश्मीर महाराजा हरि सिंह के शासन में था. इसलिए तकनीकी तौर पर ये अंग्रेजी हुकूमत के अंतर्गत नहीं आया.

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3. बंटवारे के समय जब जम्मू और कश्मीर को ये विकल्प दिया गया कि वह भारत या पाकिस्तान में से किसी एक का हिस्सा बन जाए, तो महाराजा हरि सिंह का निर्णय था कि जम्मू और कश्मीर स्वतंत्र राज्य रहेगा.

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4. जब पाकिस्तान के पठान आदिवासियों द्वारा जम्मू और कश्मीर पर आक्रमण किया गया. पाकिस्तान ने इस आक्रमण के पीछे अपनी किसी भी भूमिका से इंकार कर दिया, लेकिन प्रमाण अलग ही कहानी कहते हैं.

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5. PoK का क्षेत्र 13,297 वर्ग किलोमीटर का है, जिसमें 4.6 लाख की आबादी रहती है. इसकी राजधानी मुज़फ्फराबाद है.

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6. महाराजा हरि सिंह ने उस समय के भारतीय गवर्नर जनरल लार्ड माउन्टबेटन को एक पत्र लिखकर उनसे पठान आदिवासियों के आक्रमण की स्थिति में मदद की मांग की. जवाब में लार्ड माउन्टबेटन ने एक कमेन्ट के साथ ये बात मानी.

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‘हमारी सरकार की इच्छा है कि जितनी जल्दी हो सके जम्मू और कश्मीर में कानून-व्यवस्था कायम हो और उस धरती से आक्रमणकारी हट जाएं, राज्य के विलय की प्रक्रिया जनमत के मुताबिक पूरी की जाए.’

अंत में 26 अक्टूबर, 1947 को जम्मू और कश्मीर के शासक महाराजा हरि सिंह ने भारत के साथ विलय के कागजातों पर हस्ताक्षर कर दिए.

7. जम्मू-कश्मीर में 26 अक्टूबर को ‘विलय दिवस’ के रूप में मनाया जाता है. इस दिन लोग आतिशबाजी करते हैं और भारतीय राष्ट्रगान गाते हैं, साथ ही भारतीय ध्वज को फ़हराया जाता है.